Basic

W.T. का मकसद

" एक गोली एक दुश्मन "


 ─── ⋆⋅☆⋅⋆ ───


 निरीक्षण/Nirikshan 

Definition:- हाथीयार की टूट फूट को चेक करने एवं अन्य हादसो से बचने के लिए हाथीयार का निरीक्षण किया जाता है.

1. कोत से हाथीयार लेते समय एवं जमा करते समय.

2. हाथीयार संबंधी सबक सुरू करणे से पहले एवं सबक समाप्ती के बाद.

3. फायरिंग रेंज पर फायरिंग से पहले एवं समाप्ति के बाद.

4. किसी भी प्रकार की ड्युटी जाने से पहले एवं आने के बाद. 

5. अपने किसी साथी जवान को हाथियार देते एवं लेते समय.

─── ⋆⋅☆⋅⋆ ───




ओपन पाऊस, वापस पाऊच की कार्यवाही

स्पेअर मॅक्झिन एवं ड्रिल कार्टेज को चेक करने हेतू यह कारवाई की जाती है...ड्रिल कार्टेज के अंदर या स्पेअर मॅक्झिन मे कोई जिंदा राऊंड तो नही है यह चेक करने के लिए "ओपन पाऊच वापस पाऊच" की कार्यवाही की जाती है...

─── ⋆⋅☆⋅⋆ ───


 

 Fire Arm's Safety Rules:

 हथियार हैंडलिंग के 5 Golden Rules – हर Beginner को याद रखने चाहिए 🔥

नमस्ते दोस्तों,

Weapon Training की सबसे महत्वपूर्ण बात Safety है।

चाहे आप beginner हों या experienced shooter, हथियार से जुड़े हर काम में ये 5 नियम कभी नहीं भूलने चाहिए।

ये नियम दुनिया भर में मान्य हैं और भारत के सभी licensed shooting ranges और training centers में सख्ती से सिखाए जाते हैं।

इन्हें हमेशा याद रखें — क्योंकि एक छोटी सी गलती भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।

Firearm Safety के 5 Golden Rules (W.M.T.T.S.)

1. Weapon हमेशा Loaded समझें

हर हथियार को हमेशा लोडेड मानकर हैंडल करें।

चाहे आपने खुद चेक करके देख लिया हो कि खाली है, फिर भी कभी "खाली है" सोचकर लापरवाही न करें।

Rule: Treat every firearm as if it is loaded.

2. Barrel (muzzle) हमेशा सुरक्षित दिशा की तरफ रखें

हथियार का बॅरल (muzzle/barrel) कभी भी किसी इंसान, जानवर या अनचाहे लक्ष्य की तरफ न घुमाएं।

हमेशा सुरक्षित दिशा (जैसे जमीन की तरफ या shooting range की safe direction) में रखें।

Rule: Always keep the muzzle pointed in a safe direction.

3. Trigger Discipline (ट्रिगर अनुशासन)

ट्रिगर पर उंगली तब तक न रखें जब तक आप पूरी तरह से निशाना साधने और शूट करने के लिए तैयार न हों।

फिंगर को ट्रिगर गार्ड के बाहर रखें।

Rule: Keep your finger off the trigger until your sights are on the target and you are ready to shoot.

4. Target Discipline (टारगेट अनुशासन)

शूट करने से पहले हमेशा यह पक्का कर लें कि आपका टारगेट क्या है और उसके पीछे क्या है।

गोली दीवार, फर्श या किसी भी सतह से bounce (टकराकर) वापस आ सकती है।

Rule: Be sure of your target and what is beyond it.

5. Safety Catch On (सुरक्षा कैच S पर)

जब हथियार इस्तेमाल नहीं कर रहे हों, तो Safety Catch/ change liver को "S" (Safe) पोजीशन पर रखें।

शूटिंग शुरू करने से ठीक पहले ही इसे "R" या "B" (Fire) पर ले जाएं।

हर बार इस्तेमाल के बाद वापस Safety पर कर दें।


इन नियमों का पालन क्यों जरूरी है?

ये 5 नियम accidental Fire/discharge (अचानक गोली छूटने) को लगभग असंभव बना देते हैं।

ज्यादातर firearm accidents इन नियमों की अनदेखी की वजह से ही होते हैं।

Weapon Training में पहला और आखिरी सबक safety ही होता है।


प्रैक्टिकल टिप:

हर बार जब आप हथियार हाथ में लें, तो इन 5 नियमों को मन में दोहराएं।

शुरुआत में dry practice (बिना गोली के) करते समय भी इन्हें फॉलो करें।

निष्कर्ष:

हथियार कोई खिलौना नहीं है। Safety Rules का सख्ती से पालन करना हर फायरर की पहली जिम्मेदारी है।

अगर आप weapon training शुरू कर रहे हैं तो इन 5 नियमों को अपने दिल में उतार लें।



Disclaimer: यह पोस्ट केवल educational और safety awareness के लिए है। हम किसी भी illegal activity को promote नहीं करते। भारत में हथियार रखने और इस्तेमाल करने के लिए Arms Act 1959 के अनुसार लाइसेंस जरूरी है। हमेशा licensed shooting range और certified trainer के साथ ही ट्रेनिंग लें।

─── ⋆⋅☆⋅⋆ ───



 Two Types of Target 

1. कुदरती टार्गेट (Natural Target)

2. बनावटी टार्गेट (Artificial Target)

     A. रेंज टार्गेट 

                      a. ॲप्लिकेशन टार्गेट

                      b. गृपिंग टार्गेट 

     B. फिगर टार्गेट

                       a. फिगर 11

                       b. फिगर 12

                       c. फिगर 13

                       d. CQB (close Quarters battle)

  ─── ⋆⋅☆⋅⋆ ───

शिस्त का कायदा

1. टारगेट को देखो.

2. टारगेट का खाका दिमाग में बैठायें.

3.रायफल की सिधी और मजबूत पकड.

4. कंधे के बरखिलाफ आंख को बंद करें.

4. फायरर की आंख बॅक साईट आपरेचर का सेंटर फोर साईट टिप की नोंक को मिलाते हुए टारगेट के सेंटर को मिलाए.


  साईट अलायनमेंट

फायरर की आंख, बॅक साईट आपरेचर का सेंटर और फोर साईट टिप की नोंक के बीच बनने वाली काल्पनिक रेखा को साईट अलाययनमेंट बोलते है.


Front view



साईट पिक्चर

फायरर की आंख, बॅक साईट आपरेचर का सेंटर, फोर साईट टिप की नोंक और टारगेट का सेंटर के बीच बनने वाली काल्पनिक रेखा को साईट पिक्चर बोलते है.


Front view 


─── ⋆⋅☆⋅⋆ ───


एक गोली फायर करने की तरतीब

1. पक्का इरादा - (फायर करने के लिये इरादा पक्का होना जरुरी है)

2. वक्त - (फायर करने के लिये समय लेना)

3. रेंज - (weapon की रेंज और ग्राउंड की रेंज same हो)

4. शिस्त - (अच्छी शिस्त ले)

5. सांस पर काबू पाना - ( फर्स्ट पुल ऑफ के बाद सांस पर काबू पाते हुए ट्रिगर दबाए)

6. फायर करना - (गोली फायर करना)

7. फॉलो थ्रू - (गोली टारगेट पर कहा लगी ये देखना)

8. मार मुकार - ( गोली कहा hit हुई ये बताना)


─── ⋆⋅☆⋅⋆ ───



                                                               

    

                                                              

No comments:

Post a Comment

5.56 mm INSAS RIFLE

  5.56 mm INSAS RIFLE