7.62 mm Self Loading Rifle

7.62 mm Self Loading Rifle  


नमस्ते दोस्तों,

7.62 mm Self Loading Rifle (SLR) भारतीय सेना की उन दिग्गज राइफलों में से एक है जिसने 1960 के दशक से 1990 के दशक तक भारतीय सैनिकों की रीढ़ की हड्डी का काम किया। इसे Ishapore 1A1 या Rifle 7.62 mm 1A1 के नाम से भी जाना जाता है। यह राइफल बेल्जियन FN FAL (Fusil Automatique Léger) का भारतीय संस्करण है, लेकिन इसमें ब्रिटिश L1A1 SLR और कुछ मेट्रिक पैटर्न के तत्वों का अनोखा मिश्रण है।

SLR की उत्पत्ति (Origin)
                 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद भारतीय सेना को महसूस हुआ कि पुरानी .303 Lee-Enfield बोल्ट एक्शन राइफल अब आधुनिक युद्ध के लिए पर्याप्त नहीं है। सेना को एक सेमी-ऑटोमैटिक राइफल की जरूरत थी जो ज्यादा पावरफुल और विश्वसनीय हो। भारतीय सेना ने 7.62×51 mm NATO कैलिबर को अपनाने का फैसला किया। मूल रूप से बेल्जियन FN FAL राइफल को चुना गया, जो उस समय दुनिया की सबसे बेहतरीन बैटल राइफलों में से एक थी। भारत ने FN कंपनी से लाइसेंस लेने की कोशिश की, लेकिन FN ने रॉयल्टी और बेल्जियन टेक्निशियंस की शर्तें रखीं, जिसे भारत ने स्वीकार नहीं किया।
            इसके बाद Armament Research & Development Establishment (ARDE) और Rifle Factory Ishapore के इंजीनियरों ने उपलब्ध FN FAL और ब्रिटिश L1A1 SLR राइफलों को रिवर्स इंजीनियरिंग करके अपना खुद का संस्करण तैयार किया। परिणामस्वरूप Ishapore 1A1 SLR बनी, जो इंच पैटर्न (ब्रिटिश) और मेट्रिक पैटर्न (बेल्जियन) का हाइब्रिड थी। इसमें Lee-Enfield स्टाइल का बट प्लेट भी शामिल किया गया।
उत्पादन 1963-64 में शुरू हुआ और Rifle Factory Ishapore तथा Ordnance Factory Tiruchirappalli में बनाई गई। एक समय में 750 राइफल्स प्रति सप्ताह का उत्पादन होता था। कुल मिलाकर लगभग 10 लाख से ज्यादा SLR राइफल्स भारत में बनीं।

SLR का परिचय और मुख्य विशेषताएँ
पूर्ण नाम: Rifle 7.62 mm 1A1 (Ishapore SLR)
कैलिबर: 7.62 × 51 mm NATO
एक्शन: Gas Operated, Tilting Breech Block (सेमी-ऑटोमैटिक)
खासियत: बहुत मजबूत, reliable और उच्च stopping power वाली राइफल। कठिन मौसम और लंबे इस्तेमाल में भी बेहतरीन परफॉर्मेंस।

सेवा में इतिहास
• 1963-64 से भारतीय सेना में शामिल हुई।
• यह राइफल 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भी भारतीय सैनिकों के साथ रही और अच्छा प्रदर्शन किया।
• 1990 के अंत तक मुख्य राइफल रही।
• 1998 से धीरे-धीरे 5.56 mm INSAS राइफल से रिप्लेस की गई।
• आज भी कुछ Central Armed Police Forces (CAPF), राज्य पोलीस बल, NCC और parades में इसका इस्तेमाल होता है।




  Technical Specifications 

                    

कैलिबर (Calibre):        7.62 mm 

कारतूस (Cartridge):    7.62×51mm NATO (reamless ball ammunition)

सिद्धांत (Principle):     short stroke piston operated Gas operation (सेमी-ऑटोमैटिक)

लंबाई (Length):

                          नॉर्मल बट  — 44.85 इंच (1139 mm)

                          शॉर्ट बट —  44.35 इंच (1126 mm)

                          लॉन्ग बट —  45.35 इंच (1152 mm)

                          बेनेट के साथ —  55 इंच (1397 mm)

वजन (Weight):

                         राइफल (बिना मैगजीन) — 4.4 kg 

                         खाली मॅगझिन के साथ ---- 4.655 kg 

                         खाली मॅगझिन का वजन ---- 255 gm 

                         भरी मॅगझिन का वजन -- 709 gm

                         भरी हुई मॅगझिन के साथ — 5.1 kg

बेनेट का वजन :    283 gm 

बैरल की लंबाई :   534 mm (21 इंच)

साईटिंग रेडियस:  553 mm (21.77 इंच) 

मजल वेलॉसिटी:  815 m/s (2700 ft/s)

कारगर रेंज:        300 गज 

मॅगझिन क्षमता:   20 राउंड 

रेट ऑफ फायर:   सेमी-ऑटोमैटिक ( 20–60 राउंड प्रति मिनट)

नंबर ऑफ ग्रूव्स :  6 grooves (दाईं तरफ ट्विस्ट)

पिच :                 12 इंच

सुखी चिंदी नाप :  4*2 इंच

तेल वाली चिंदी :  4*1.5 इंच

Authorised amm.:     100 round और 5 मॅगझिन


7.62 mm SLR रायफल का खोलना और जोडना.

👇 नीचे video में पूरा process देखें
See in full screen 



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