WT

WT Question

Weapon Training Question Bank

Common Questions

प्र. 1: W.T. का मकसद क्या है?
उ.: एक गोली एक दुश्मन।

5.56 mm INSAS Rifle

प्र. 1: हथियार का निरीक्षण क्यों किया जाता है?
उ.: हथियार का निरीक्षण हाथीयार की टुट-फूट चेक करने के लिए तथा अन्य हादसों से बचने के लिए किया जाता है।

प्र. 2: निरीक्षण कब-कब किया जाता है?
उ.:
1.कोत से हाथीयार लेते तथा जमा करते समय,
2.हाथीयार संबंधी सबक सुरू होने से पहले तथा सबक समाप्ती के बाद,
3. फायरिंग रेंज में फायरिंग से पहले और बाद में,
4. किसी भी प्रकार की ड्युटी जाने से पहले तथा आने के बाद,
5. किसी साथी जवान को हाथीयार देते एवं लेते समय।

प्र. 3: राइफल को खोलते समय ध्यान में रखने वाली बातें?
उ.: मैगजीन उतारना हुआ हो, राइफल कॉक हो।

प्र. 4: राइफल को जोड़ते समय ध्यान में रखने वाली बातें?
उ०: 1.जो हिस्सा पुर्जा सबसे अंत में खोला हो उसे सबसे पहले जोड़ा जाए। 2. पुर्जों को क्रमवार जोड़ा जाए। अंत में चेक करके ही मैगजीन लगाई जाए।

प्र. 5: राइफल को खोलने की जरूरत?
उ.: राइफल के हिस्से पुर्जों को साफ करने तथा उनमें तेल लगाने के लिए।

प्र. 6:इंसास राइफल की बैरल को साफ करने के लिए चिन्दी का साइज क्या है?
उ.: 4X1.5 इंच सूखी चिन्दी तथा 4X1 इंच तेल की चिन्दी का इस्तेमाल किया जाता है।

प्र. 7: राइफल की बैरल में कौन से तेल का इस्तेमाल किया जाता है?
उ.: सामान्य तापमान में OX 52 तथा ठंडे इलाके में OX 13 व सुपर केरोसिन तेल के मिश्रण का इस्तेमाल किया जाता है।

प्र. 8: मॅगजीन भरने से पहले एम्युनिशन सफाई करना क्यों जरूरी है?
उ.: रोके से बचने के लिए एम्युनिशन की सफाई करना जरूरी है।

प्र. 9: इंसास की मैगजीन में कितने राउंड आते हैं?
उ.: 20 राउंड आते हैं तथा 20 ही भरे जाते हैं।

प्र. 10: इंसास राइफल का पाउच एम्युनिशन कितना है?
उ.: 05 मैगजीन तथा 100 राउंड।

प्र. 11: भर की अंत में क्या कार्यवाही की जाती है?
उ.: चेंज लीवर एस पर और पाउच का बटन बंद हो।

प्र. 12: राइफल रेडी कब मानी जाती है?
उ.: चैंबर में राउंड हो, चेंज लीवर की पोजीशन आर पर हो।

प्र. 13: भर और मेकसेफ में क्या अंतर है?
उ.: भर में खाली राइफल को भरा जाता है, मेकसेफ में रेडी राइफल को व क्लिअर करके भरा जाता है।

प्र. 14: इंसास राइफल में कम से कम और अधिक से अधिक कितनी रेंज लगाई जा सकती है?
उ.: कम से कम 200 मीटर और अधिक से अधिक 400 मीटर रेंज लगाने का प्रावधान है।

प्र. 15: इंसास राइफल में कितने प्रकार की साइट का इस्तेमाल किया जाता है?
उ.: 03 प्रकार - 1. ओपन साइट 2. टेलिस्कॉपी साइट 3. पेसिव नाइट साइट

प्र. 16: लाइंग पोजीशन में देखने वाली बातें?
उ.: फ्लॅश एलिमिनेटर भूमि से उठा हुआ हो, कॅरिंग हैंडल बैठा हो, बाएं हाथ की पकड़ हैंडगार्ड पर, दाएं हाथ की पकड़ पिस्टल ग्रीप पर, बट कंधे से थोड़ा आगे, शरीर टारगेट से तिरछा हो, छाती प्राकृतिक तौर पर उठी हुई हो, पैर कद के मुताबिक खुले हुए हो, एड़ीया भूमि पर बैठी हो (यदि एड़ी भूमि पर न बैठे तो जबरजस्ती ना की जाए)। शरीर के नीचे कोई दुमने वाली चीज हो तो उसे निकाल लिया जाए।

प्र. 17: फायरिंग के मूल सिद्धांत कौन-कौन से हैं?
उ. 1. दुरुस्त पकड़, 2. दुरुस्त शिस्त 3. दुरुस्त ट्रिगर ऑपरेशन।

प्र. 18: मजबूत पकड़ में दाहिने हाथ का काम बताएं?
उ. सामान्यतः दाहिना हाथ फायर का मास्टर हैंड होता है। इसके द्वारा राइफल को मजबूती से पकड़ा जाता है तथा ट्रिगर दबाने की कार्यवाही भी दाहिने हाथ की कलमें वाली उंगली करती है।

प्र. 19: ट्रिगर दबाते समय फायरर आम तौर पर कौन कौन सी गलतियाँ करता है?
उ. 1. पिल्च (झिझक) 2. बक 3. जर्क (झटका)

प्र. 20: जर्क की गलती से गोली टारगेट पर किस जगह हिट होती है?
उ. जर्क की गलती से गोली 04 बजे की लाइन पर हिट होती है।

प्र. 21: साइट अलाइनमेंट किसे कहते हैं?
उ. साइट अलाइनमेंट का मतलब है फायरर की आँख, बैक साइट आपरेवर का सेंटर और फोर साइट की नोक के बीच जो काल्पनिक रेखा बनती है उसे साइट अलाइनमेंट कहते हैं।

प्र. 22: साइट पिक्चर से आप क्या समझते हैं?
उ. दुरुस्त साइट अलाइनमेंट को ध्यान में रखते हुए फोर साइट की टिप को पॉइंट ऑफ ऐम से मिलाने पर जो एक काल्पनिक रेखा बनती है उसे साइट पिक्चर कहते हैं।

प्र. 23: साइट अलाइनमेंट और साइट पिक्चर में किसकी अहमियत ज्यादा है?
उ. साइट पिक्चर की गलती से जैसे जैसे रेंज बढ़ेगी वैसे ही गलती बढ़ती चली जाएगी। इसलिए साइट अलाइनमेंट की अहमियत ज्यादा है।

प्र. 24: गुप कितने प्रकार के होते हैं?
उ. 1. लाँग होरिजॉन्टल 2. लॉन्ग वर्टीकल 3. शॉर्ट होरिजॉन्टल 4. शॉर्ट वर्टीकल 5. बाय फोकल 6. स्क्वेटर्ड गुप 7. कैंटिन गुप

प्र. 25: फायरिंग के बुनियादी उसूल से आप क्या समझते हैं?
उ. 1. गुड होल्डिंग 2. गुड एमिंग 3. गुड ट्रिगर ऑपरेशन (HAT)

प्र. 26: लड़ाई के मैदान में कितने प्रकार से फायर डाला जाता है?
उ. 03 प्रकार से 1. डेलिब्रेट फायर 2. स्नैप शूटिंग फायर 3. रैपिड फायर।

प्र. 27: डेलिब्रेट फायर किसे कहते हैं?
उ. शत्रु के फायर के फ्लॅश, धुओं, हरकत को देखकर जो फायर डाला जाता है उसे डेलिब्रेट फायर कहते हैं।

प्र. 28: रैपिड फायर में कितने राउंड फायर किये जा सकते हैं?
उ. 01 मिनट में 01 मैगजीन के तेज गति से फायर किया जा सकता है।

प्र. 29: ट्रिगर दबाते समय ध्यान में रखने वाली बातें?
उ. पहला पुल ऑफ (पुलाव) के बाद ही ट्रिगर को धीरे धीरे दबाया जाए।

प्र. 30:एक गोली फायर करने की तरतीब (क्रम) क्या है?
उ. 1. पक्का इशारा 2. वक्त/समय 3. रेंज 4. ऐम/शिस्त 5.सांस पर काबू 6. फायर 7. फॉलो-थ्रू 8. मार पुकार

प्र. 31: राइफल की चाल कितने भागों में पूरी होती है?
उ. राइफल की चाल दो बड़े भागों में 1. पीछे की चाल 2. आगे की चाल और कुल आठ छोटी हरकत (एक्शन) मे पुरी होती है।

प्र. 32: तुरंत उपाय से कितनी रोको को दूर किया जाता है?
उ. तुरंत उपाय से 4 प्रकार की रोको को दूर किया जाता है। 1. खाली मैगजीन 2. मिस फायर 3. बाड़ी की रोक 4. संख्त खिंचाव की रोक।

प्र. 33: इंसास राइफल में कितने प्रकार की रोके पड़ती हैं?
उ. इंसास राइफल में तीन प्रकार की रोके पड़ती हैं। 1.तुरंत उपाय से दुर होने वाली रोके (a.खाली मॅगझिन की रोक b.बॉडी की रोक c.मिस फायर की रोक d.सख्त खिचाव ) 2. गॅस की कमी की रोक 3. अन्य रोक।

प्र. 34: चैंबर में कटे केस की रोक को दूर करने के लिए किस टूल का इस्तेमाल किया जाता है?
उ. चैंबर में कटे केस की रोक को दूर करने के लिए क्लिअरिंग प्लग का इस्तेमाल किया जाता है।

प्र. 35: खाली मैगजीन की रोक की क्या पहचान है?
उ. चैंबर खाली और मैगजीन खाली होता है।

प्र. 36: टी. आर. बी. से आप क्या समझते हैं?
उ. टी .आर. बी. का मतलब थ्री राउंड ब्रेस्ट फायर।

प्र. 37: राइफल से टी. आर. बी. निकालने पर क्या राइफल फायर करेगी?
उ. हाँ करेगी, लेकिन सिंगल शॉट फायर करेगी।

प्र. 38: पोल हैंगर स्प्रिंग गिरने से क्या टी. आर. बी. काम करेगी?
उ. नहीं करेगी।

प्र. 39: चेंज लीवर के स्पेंडल के लग का क्या काम है?
उ. चेंज लीवर स्पेंडल टी. आर. बी. यूनिट के प्लेट सिलेक्टर को नीचे दबाता है।

प्र. 40: इंसास राइफल में टी. आर. बी. यूनिट कहाँ फिट होती है?
उ. टी. आर. बी. कंट्रोल यूनिट चेंज लीवर और हैमर के बीच में फिट किया गया है।

प्र. 41: युद्ध क्षेत्र में कितने पोजीशनों से फायर किया जाता है?
उ. 06 पोजीशन से।

प्र. 42: लाइंग पोजीशन से आप क्या समझते हैं?
उ. लाइंग पोजीशन सबसे आरामदेह पोजीशन है। इस पोजीशन से नीचे आड़ से आसानी से फायर डाल सकते हैं।

प्र. 43: सीटिंग पोजीशन का प्रयोग कब किया जाता है?
उ. जब हमे ऊपर से नीचे की तरफ फायर करना हो।

प्र. 44: स्टैंडिंग पोजीशन का प्रयोग कब किया जाता है?
उ. भागते हुए शत्रु के ऊपर फायर डालने के लिए तथा जब आड़ 05 से 5.5 फुट हो।

प्र. 45: हाई स्कॉट पोजीशन का प्रयोग कब किया जाता है?
उ. जंगल झाड़ी तथा ऊँची फसल के बीच से भागते हुए शत्रु के ऊपर फायर करने के लिए हाई स्कॉट पोजीशन का प्रयोग किया जाता है।

प्र. 46: कुदरती सिधाई हासिल करने के लिए किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उ. 1. देखना 2. सिधाई हासिल करना 3. फायर करना।

प्र. 47: लड़ाई के मैदान में हथियार ले जाने की सबसे अच्छी पोजीशन कौन सी होती है?
उ. तैयारी पोजीशन (Low Ready Position )।

प्र. 48: रुकावटों को पार करते समय चेंज लीवर की पोजीशन कहाँ पर होनी चाहिए?
उ. चेंज लीवर की पोजीशन “एस” पर होनी चाहिए।

प्र. 49: कुदरती सिधाई हासिल करने के बाद एक साथ कितने राउंड फायर करने चाहिए?
उ. कम से कम 02 राउंड।

प्र. 50: स्पायरल किस काम आता है?
उ. फोकस करने के लिए काम आता है।

प्र. 51: यदि साइट रेंज 400 मीटर एवं ग्राउंड रेंज 200 मीटर है तो गोली किस जगह लगेगी?
उ. गोली पॉइंट ऑफ ऐम से लगभग 25 एमएम ऊपर लगेगी।

प्र. 52: पहले टारगेट का बाहरी किनारा कौन सा पॉइंट ऑफ ऐम है?
उ. पहला पॉइंट ऑफ ऐम।

प्र. 53: दूसरे टारगेट का बाहरी किनारा कौन सा पॉइंट ऑफ ऐम है?
उ. दूसरा पॉइंट ऑफ ऐम।

प्र. 54: तीसरा टारगेट का बाहरी किनारा कौन सा पॉइंट ऑफ ऐम है?
उ. तीसरा पॉइंट ऑफ ऐम।

प्र. 55: बहुत तेज हवा की क्या पहचान है?
उ. झंडा 90 डिग्री लहरता है।

प्र. 56: राइफल जीरोइंग कब की जाती है?
उ. 1. राइफल जब फैक्टरी से नई-नई आई हो। 2. राइफल की क्षमता पर शक हो जाए। 3. किसी बड़ी रिपेयरिंग के बाद। 4. बहुत ऊँचाई वाले क्षेत्रों में जाने से पहले एवं आने के बाद।

प्र. 57: राइफल को जीरोइंग कितनी दूरी से किया जाता है?
उ. 100 मीटर से करना चाहिए।

प्र. 58: 30.5 मीटर से जीरोइंग करने पर एमपीआई कितनी बनेगी?
उ. एमपीआई 1.25 से.मी. ऊपर और 1.25 से.मी. के व्यास में होगी।

प्र. 59: फोरसाइट को एक चक्कर घुमाने से साइट में कितना करेक्शन होगी?
उ. 4 इंच ऊपर या नीचे।

प्र. 60: दाहिने तथा बाएं की गलती को सुधारने के लिए क्या किया जाता है?
उ. दाहिने बाएं की गलती को दूर करने के लिए रियर साइट पर सुधार किया जाता है।

7.62 mm SLR

प्र. 1: SLR का पूरा नाम क्या है?
उ. Self Loading Rifle.

प्र. 2: SLR का कैलिबर क्या है?
उ. 7.62 mm.

9mm Auto Pistol

प्र. 1: निरीक्षण करना क्यों जरूरी है?
उ. हथियार की टूट-फूट की जाँच करने के लिए तथा दुर्घटनाओं से बचने के लिए।

प्र. 2: पिस्टल का पूरा नाम क्या है?
उ. 9 एमएम पिस्टल ऑटो 1ए।

प्र. 3: ओपन पाउच की कार्यवाही क्या की जाती है?
उ. स्पेयर मैगजीन और ड्रिल कार्ट्रिज का निरीक्षण करने के लिए ताकि उसमें जिंदा राउंड न हो।

प्र. 4: पिस्टल की मैगजीन में कितने राउंड आते हैं?
उ. 13 राउंड और 13 राउंड ही भरे जाते हैं।

प्र. 5: रेस्ट पोजीशन कब अपनाई जाती है?
उ. जब पिस्टल होल्स्टर से बाहर हो पर प्रयोग में न आ रहा हो, तब उसे रेस्ट पोजीशन में रखा जाता है।

प्र. 6: पिस्टल को कितनी पोजीशनों से फायर किया जाता है?
उ. दो पोजीशनों से - 1. स्टैंडिंग पोजीशन 2. बैटल क्राउच पोजीशन।

प्र. 7: बैटल क्राउच पोजीशन कब अपनाई जाती है?
उ. जब टारगेट 10 गज के अंदर हो तथा निशाना लेने का मौका न हो, तब इस पोजीशन से फायर किया जाता है।

प्र. 8: बॉडी की रोक की क्या पहचान है?
उ. हैमर पूरा पीछे और स्लाइड आधी पीछे हो तो इसे बॉडी की रोक कहा जाता है।

प्र. 9: पिस्टल को पकड़ने के लिए कितने ग्रिपों का प्रयोग किया जाता है?
उ. तीन ग्रिपों का प्रयोग किया जाता है— 1. कप ग्रिप 2. ओवर ग्रिप 3. रिस्ट ग्रिप।

प्र. 10: सिंगल हैंड से फायर कब किया जाता है?
उ. यदि फायरर के किसी एक हाथ में चोट, परेशानी या दिक्कत हो तो पिस्टल को सिंगल हैंड से फायर किया जाता है।

प्र. 11: 9mm Auto Pistol का मुख्य उपयोग क्या है?
उ. क्लोज रेंज और सेल्फ डिफेंस के लिए।

9mm CMG

प्र. 1: कार्बाइन का पूरा नाम लिखें?
उ. 9 एमएम कार्बाइन मशीन 1ए/1ए1 एस.एफ.एफ.

प्र. 2: कार्बाइन मशीन किस वैज्ञानिक ने बनाया?
उ. एच.जे. टर्निफ और आर.बी. विक्टर शेफर्ड।

प्र. 3: कार्बाइन से कितने प्रकार का फायर डाला जा सकता है?
उ. दो प्रकार का 1. सिंगल शॉट 2. ऑटोमेटिक

प्र. 4: क्या कार्बाइन में बैनेट लगाई जा सकती है?
उ. हाँ, लगाई जा सकती है।

प्र. 5: भारत में कार्बाइन मशीन कहाँ बनाई जाती है?
उ. स्मॉल आर्म्स फैक्ट्री, कानपुर में।

प्र. 6: कार्बाइन को खोलने से पहले क्या कार्यवाही की जाती है?
उ. कार्बाइन का निरीक्षण किया जाता है और यकीन किया जाता है की पुर्जे आगे है।

प्र. 7: निरीक्षण के दौरान चेंज लीवर की पोजीशन कहाँ पर होनी चाहिए?
उ. चेंज लीवर का पोजीशन एस पर होना चाहिए।

प्र. 8: कार्बाइन को जोड़ने के बाद क्या कार्यवाही की जाती है?
उ. कार्बाइन को टेस्ट किया जाता है।

प्र. 9: कार्बाइन के मैगजीन में कितने राउंड आते हैं?
उ. कार्बाइन के मैगजीन में 34 राउंड आते हैं और 32 भरे जाते हैं।

प्र. 10: कार्बाइन कौन से सिद्धांत पर काम करती है?
उ. ब्लो बैक एक्शन विथ ए.पी.आई.

प्र. 11: कार्बाइन को ले जाने के कितने तरीके हैं?
उ. कार्बाइन को तीन तरीकों से ले जाया जाता है :-
1. सिलिंग आर्म पोजीशन, 2. माला या हार पोजीशन, 3. तोल शस्त्र।

प्र. 12: कार्बाइन से कितनी पोजीशन से फायर किया जाता है?
उ. दो पोजीशन से 1. स्टैंडिंग पोजीशन, 2. बैटल क्राउच पोजीशन

प्र. 13: बैटल क्राउच पोजीशन से फायर कब किया जाता है?
उ. जब शत्रु अचानक, अधिक संख्या में और नजदीक निकल आए तब।

प्र. 14: तोल शस्त्र का प्रयोग कब किया जाता है?
उ. जब दौडकर एक जगह से दूसरी जगह जाना हो या कोई छोटी मोटी बाधा को पार करना हो।

प्र. 15: कार्बाइन के सेफ्टी कैच की कितनी पोजीशन होती हैं?
उ. तीन पोजीशन होती हैं :- ‘एस’, ‘आर’ और ‘ए’

प्र. 16: कार्बाइन में रोक पड़ने से क्या कार्यवाही की जाएगी?
उ. तुरन्त उपाय की कार्यवाही की जाएगी।

प्र. 17: तुरन्त उपाय से कितने प्रकार की रोकें दूर की जा सकती हैं?
उ. खाली मैगजीन, अनफिट मैगजीन, बॉडी की रोक, मिस फायर और चैंबर में मोटा राउंड।

प्र. 18: रात के समय रोकों का पता कैसे लगाया जाता है?
उ. चैम्बर तथा बॉडी को उंगलियों की सहायता से टटोल कर।

प्र. 19: क्या कार्बाइन में गैस की कमी की रोक पड़ती है?
उ. कार्बाइन में गैस की कमी की रोक नहीं पड़ती।

प्र. 20: अनफिट मैगजीन की क्या पहचान है?
उ. चैम्बर खाली और मैगजीन भरा हुआ हो।

प्र. 21: सुरक्षा बल में किस-किस सिद्धांत पर चलने वाले हथियार इस्तेमाल किए जाते हैं?
उ. 1. गैस के सिद्धांत पर।
2. शॉर्ट रिक्वायल के सिद्धांत पर।
3. ब्लो बैक के सिद्धांत पर।

प्र. 22: गैस के सिद्धांत पर चलने वाले कौन-कौन से हथियार हैं?
उ. इंसास, एसएलआर तथा दोनों प्रकार की एल.एम.जी.

प्र. 23: शॉर्ट रिक्वायल किसे कहते हैं?
उ. जिस हथियार का ब्रीच तथा बैरल लॉक हालत में प्रयोग होने वाले अम्युनिशन की लंबाई से कम दूरी पीछे की तरफ तय करते हैं, उसे शॉर्ट रिक्वायल कहते हैं।

प्र. 24: ए.पी.आई. से आप क्या समझते हैं?
उ. एडवांस प्राइमरी इग्निशन।

प्र. 25: कार्बाइन की मैकेनिकल सेफ्टी क्या है?
उ.
1. ब्रीच ब्लॉक का भारी होना।
2. मेन स्प्रिंग का ताकतवर होना।
3. बैरल का छोटा होना।
4. चैम्बर का पैरलल होना।

Disclaimer: यह पोस्ट केवल शैक्षिक उद्देश्य से है। Arms Act 1959 के अनुसार लाइसेंस जरूरी है।

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