सफाई दो प्रकार की होती है - सामान्य सफाई और असामान्य सफाई
सफाई क्यों जरूरी है?
राइफल की नियमित सफाई हथियार की लंबी उम्र, सटीक फायरिंग और जाम न होने के लिए बहुत जरूरी है। गंदगी, धूल, कार्बन जमा होने से बैरल, पिस्टन और बोल्ट खराब हो सकते हैं। सही सफाई से हथियार हमेशा तैयार और सुरक्षित रहता है।
1. सामान्य सफाई
सामान्य सफाई के प्रकार:
- आम सफाई (रोजाना सफाई, सप्ताहिक सफाई और मासिक सफाई)
- उँचे दर्जे की सफाई (फायरिंग से पहले की सफाई, फायरिंग के दौरान की सफाई और फायरिंग के बाद की सफाई)
आम सफाई :-
आम सफाई वह सफाई है जो बल सदस्य द्वारा कोत में हथियार जमा करते वक्त रोजाना की जाती है। सबसे पहले राइफल को सीधे हुए तरीके से खोलें। पुल-थ्रू का वेट दाहिनी तरफ रखते हुए गले में डालें तथा निर्धारित माप अनुसार सूखी चिन्दी को फोल्ड करके सूखी चिन्दी के लिए बने हुए फ्रंट में डालें। ध्यान रखें कि पुल-थ्रू खींचते समय पुल-थ्रू मजल के साथ रगड़ न खाये तथा किसी भी भूमि या दीवार के साथ न टकराए। यह कार्यवाही तब तक जारी रखें जब तक बैरल पूरी तरह से साफ न हो जाये।
- राइफल की बाकी पूरी बॉडी और पुर्जों को किसी भी साफ कपड़े से साफ करें।
- बैरल को चेक करें और सुनिश्चित करें कि बैरल साफ हो गई है। साफ हो चुकी बैरल में निर्धारित माप की चिन्दी लगाकर बैरल में तेल लगा दें और उसी चिन्दी से हिस्से पुर्जों को हल्का हल्का तेल लगा दें।
- चैंबर को साफ करने के लिए चैंबर क्लीनिंग ब्रश का इस्तेमाल किया जाता है।
उँचे दर्जे की सफाई :-
फायरिंग से पहले की सफाई :- यह सफाई भी आम सफाई की तरह ही है। फर्क सिर्फ इतना है कि फायरिंग से पहले बैरल और गैस सिलेण्डर को पूरी तरह से सूखा कर दिया जाता है, परन्तु चाल वाले पुर्जों पर हल्का तेल रहने दिया जाता है।
फायरिंग के दौरान की सफाई :- फायरिंग के दौरान रोको से बचने के लिए जब भी समय मिले तो मैगजीन को उतारकर चाल वाले पुर्जों को पीछे रोकेकर चैंबर तथा बैरल की सफाई कर ली जाये।
फायरिंग के बाद की सफाई :- यह सफाई भी आम सफाई ही की जाती है। फर्क यह है कि फायरिंग के बाद राइफल की बैरल, पिस्टन एक्सटेंशन, फायरिंग पिन तथा गैस ट्यूब में काफी मात्रा में कार्बन जम जाता है। इसलिए इन पुर्जों को बड़ी सावधानी से सफाई की जाये ताकि इनके अंदर गैस फाउलिंग को पूरी तरह से दूर किया जा सके। पुर्जों साफ हो जाने पर उसमें तेल लगा दिया जाना चाहिए।
जिस हाथीयार के बॅरेल के अंदर क्रोमियम प्लेट नाही है उस बॅरल मे लगातार 7 दिन तक गरम पानी डालकर साफ करना चाहिए. अगर 7 दिन मे भी साफ न हो आर्मोरर के अनुसार और कुछ दिन साफ किया जाता है.
नोट :- इन्सास, AK-47 ( अर्सनल असाल्ट राइफल, TAR ) की बैरल क्रोमियम प्लेटेड होने के कारण इसमें गर्म पानी डालने की आवश्यकता नहीं है, डालने पर कोई नुकसान भी नहीं है ।
2. असामान्य सफाई
यह सफाई यूनिट कमाण्डर की अनुमति लेकर आर्मोरर द्वारा की जाती है।
खास इलाकों में सफाई :-
- यदि राइफल नमी वाले इलाके में प्रयोग की जा रही हो तो उसकी मैगजीन तथा पुर्जों को खोलकर साफ करके बार-बार तेल लगाते रहना चाहिए।
- यदि राइफल धूल वाले इलाके में प्रयोग की जा रही हो तो उसकी मैगजीन को खोलकर साफ करना चाहिए तथा बैरल और चैंबर को धूल एवं रेत इत्यादि से बचाने के लिए चैंबर में राखण्ड रखा जाना चाहिए या मजाल में चिन्दी लगाकर बैरल बन्द कर लेनी चाहिए।
- ठण्डे इलाके में इस्तेमाल करने और राइफल को कारगर बनाने के लिए सभी पुर्जों में SKO (सुपर केरोसिन ऑयल) & OX-13 के मिश्रण का इस्तेमाल करना चाहिए।
अलग-अलग तापमान में लुब्रिकेशन का माप
| तापमान | लुब्रिकेंट |
|---|---|
| 4 डिग्री सेंटीग्रेड से अधिक | OX-52 |
| 4 डिग्री सेंटीग्रेड से -18 डिग्री सेंटीग्रेड | OX-13 |
| -18 डिग्री सेंटीग्रेड से -40 डिग्री सेंटीग्रेड | 1:1 मात्रा में OX-13 & SKO |
| -40 डिग्री सेंटीग्रेड से -50 डिग्री सेंटीग्रेड | 2:3 की मात्रा में OX-13 & SKO |
Disclaimer: यह पोस्ट केवल शैक्षिक और ट्रेनिंग उद्देश्य से बनाई गई है। हम किसी illegal गतिविधि को promote नहीं करते। हथियार रखने और इस्तेमाल करने के लिए Arms Act 1959 के अनुसार लाइसेंस जरूरी है।
No comments:
Post a Comment